Wednesday, May 6, 2026
RSS की जिस विचारधारा वाली सरकार ने झूठे आरोपों में मुझे जेल में डाला, उसी विचारधारा से जुड़े संगठन अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के मंचों पर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा जी कई बार गई हैं—यह बात उन्होंने स्वयं स्वीकार की है। ऐसे में क्या निष्पक्ष न्याय मिल पाएगा? जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा जी के बच्चे केंद्र सरकार के वकीलों के पैनल में हैं। उनका भविष्य और कमाई, दोनों SG तुषार मेहता के हाथ में हैं और यही तुषार मेहता जी इस मामले में दूसरी ओर से वकील हैं। ऐसे में यह चिंता स्वाभाविक है कि क्या जज साहिबा उस वकील के खिलाफ निष्पक्ष फैसला दे पाएंगी। www.navjivanfoundation.org
जिस गाइडलाइन को चुनाव आयोग तीन महीने से दबाकर बैठा था -वह आज सामने है। यानी 2003 में बिहार में हुए “इंटेंसिव रिवीजन” की आधिकारिक गाइडलाइन, जो चुनाव आयोग के एक-एक दावे का खंडन करती हैं । साफ़ है -चुनाव आयोग का यह दावा कि SIR के ज़रिए 2003 की प्रक्रिया दोहराई जा रही है, पूरी तरह झूठ है। www.navjivanfoundation.org
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