Thursday, September 10, 2026
'सौरव दास ने निहत्थे छात्रों पर क्रिमिनल केस चलवाने का रास्ता खोला है' नई दिल्ली। देश की न्यायपालिका की स्वतंत्रता, निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं गरिमा की रक्षा के उद्देश्य से अधिवक्ताओं द्वारा 3 सितंबर को यहां पटियाला हाउस कोर्ट से सर्वोच्च न्यायालय तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला गया। मार्च मशहूर वकील महमूद प्राचा के नेतृत्व में निकाला गया। इस दौरान वकील महमूद प्राचा ने गृहमंत्री अमित शाह और भ्रष्ट जजों को आड़े हाथ लिया। उन्होंने cjp आंदोलन के दौरान हुए संसद मार्च को भी लेकर बड़ा खुलासा किया और आरोप लगाया कि SC में पुलिस ने 3 हजार के करीब छात्रों पर कार्रवाई करने की बात की है, इस बात को छुपा दिया गया और जनता के सामने SC में अपनी जीत का ढिंढोरा पीटा गया। उन्होंने मोदी सरकार की तारीफ करने पर सोनम वांगचुक पर भी प्रश्नचिह लगाया। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य न्यायपालिका के समक्ष वर्तमान समय में उठ रहे गंभीर एवं चिंताजनक मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित करना तथा न्याय व्यवस्था में जनता एवं अधिवक्ताओं का विश्वास बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित करना था। इस दौरान उन्होंने स्वतंत्र भारद्वाज और मनन मिश्रा पर भी अपनी बेबाक राय रखी। www.navjivanfoundation.org
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