Friday, March 13, 2026
मलिका वचन के अनुसार चितोला मछली को लेकर कुछ भविष्यवाणी या संकेत हैं जो मुख्य रूप से कलयुग के अंत समय और प्राकृतिक परिवर्तन से संबंधित है। मालिका के अनुसार कुछ महत्वपूर्ण जानकारी: कलयुग के अंत के लक्षण: महामानव अच्युतानंद द्वारा लिखी अच्युत मालिका के अनुसार जब संसार में पाप बढ़ जाएंगे तो प्रकृति में कई अजीबोगरीब घटनाएं घटेंगी। चिटोला मछली की भूमिका : मलिका का वर्णन है कि "चिटोला मछली किनारे आएगी" या ऐसी घटना जिसमें मछली नदी के सूखे क्षेत्र में आएगी, जो कि आने वाले खतरे या आपदा की पूर्वसूचना है। मेक्सिको के काबो सैन लुकास के समुद्र तट पर पाई गई चितोला मछली। आमतौर पर ये मछलियां समुद्र तल से 3 हजार फीट से ज्यादा ऊपर रहती हैं। जापानी परंपरा के अनुसार गहरे समुद्र से किनारे आने वाली इस मछली का मतलब किसी भी बड़ी प्राकृतिक आपदा जैसे भूकंप या सुनामी का संकेत है। यह मछली 2011 में जापान भूकंप से पहले ही देखी गई थी। आध्यात्मिक विश्वास: ऐसा माना जाता है कि जलीय जीवों का ऐसा असामान्य व्यवहार जगन्नाथ की लीला और काली के बीच का समय दर्शाता है..... ମାଳିକା ବଚନ ଅନୁସାରେ ଚିତୋଳ ମାଛକୁ ନେଇ କିଛି ଭବିଷ୍ୟବାଣୀ ବା ସଂକେତ ରହିଛି, ଯାହା ମୁଖ୍ୟତଃ କଳିଯୁଗର ଶେଷ ସମୟ ଏବଂ ପ୍ରାକୃତିକ ପରିବର୍ତ୍ତନ ସହ ଜଡ଼ିତ। ମାଳିକା ଅନୁଯାୟୀ କିଛି ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ସୂଚନା: କଳିଯୁଗ ଶେଷର ସଂକେତ: ମହପୁରୁଷ ଅଚ୍ୟୁତାନନ୍ଦଙ୍କ ରଚିତ ଅଚ୍ୟୁତ ମାଳିକା ଅନୁସାରେ, ଯେତେବେଳେ ପୃଥିବୀରେ ପାପ ବଢ଼ିବ, ସେତେବେଳେ ପ୍ରକୃତିରେ ଅନେକ ଅଦ୍ଭୁତ ଘଟଣାମାନ ଘଟିବ। ଚିତୋଳ ମାଛର ଭୂମିକା: ମାଳିକାରେ ବର୍ଣ୍ଣନା ଅଛି ଯେ, "ଚିତୋଳ ମାଛ କୂଳକୁ ଆସିବେ" କିମ୍ବା ମାଛମାନେ ନଦୀର ଶୁଖିଲା ଜାଗାକୁ ଆସିବା ଭଳି ଘଟଣା ଘଟିବ, ଯାହା ଆଗାମୀ ବିପଦ ବା ମହାପ୍ରଳୟର ଏକ ପୂର୍ବ ସୂଚନା। ମେକ୍ସିକୋର କାବୋ ସାନ୍ ଲୁକାସ ସମୁଦ୍ର କୂଳରେ ଦେଖିବାକୁ ମିଳିଛି ଚିତୋଲ ମାଛ। ସାଧାରଣତଃ ଏହି ମାଛ ସମୁଦ୍ରର ୩ହଜାର ଫୁଟ୍ ଗଭୀରରେ ରହନ୍ତି। ଜାପାନ ପରମ୍ପରା ଅନୁସାରେ, ଏହି ମାଛ ଗଭୀର ସମୁଦ୍ରରୁ କୂଳକୁ ଆସିବା ଅର୍ଥ ହେଉଛି କୌଣସି ବଡ଼ ପ୍ରାକୃତିକ ବିପର୍ଯ୍ୟୟ ଯେପରିକି ଭୂକମ୍ପ କିମ୍ବା ସୁନାମି ଆସିବାର ସୂଚନା ଦେଇଥାଏ। ୨୦୧୧ ମସିହାରେ ଜାପାନ ଭୂକମ୍ପ ପୂର୍ବରୁ ମଧ୍ୟ ଏହି ମାଛ ଦେଖାଯାଇଥିଲେ। ଆଧ୍ୟାତ୍ମିକ ବିଶ୍ୱାସ: ଏହା ବିଶ୍ୱାସ କରାଯାଏ ଯେ ଜଳଚର ପ୍ରାଣୀମାନଙ୍କର ଏପରି ଅସ୍ବାଭାବିକ ଆଚରଣ ଜଗନ୍ନାଥଙ୍କ ଲୀଳା ଏବଂ କଳି ଅନ୍ତର ସମୟକୁ ସୂଚାଇଥାଏ..... www.navjivanfoundation.org
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