Wednesday, May 6, 2026

जिस गाइडलाइन को चुनाव आयोग तीन महीने से दबाकर बैठा था -वह आज सामने है। यानी 2003 में बिहार में हुए “इंटेंसिव रिवीजन” की आधिकारिक गाइडलाइन, जो चुनाव आयोग के एक-एक दावे का खंडन करती हैं । साफ़ है -चुनाव आयोग का यह दावा कि SIR के ज़रिए 2003 की प्रक्रिया दोहराई जा रही है, पूरी तरह झूठ है। www.navjivanfoundation.org


 

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