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21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक जी को इस तरह घसीटकर अस्पताल ले जाने की तस्वीरें दिल को झकझोर देती हैं। सवाल सिर्फ़ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस लोकतंत्र का है जहाँ शांतिपूर्ण विरोध का हक भी अब सुरक्षित नहीं है। क्या मोदी सरकार की आत्मा मर चुकी है? www.navjivanfoundation.org
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