Sunday, July 26, 2026

श्रीमन्नारायण स्वरूप विद्यमान गोवर्धन मठ पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री निश्चलानंद सरस्वती महाराज की जय हो विजय हो दारुण दुःख के अपनोदन में समर्थ उपनिषदर्थ दारु और रुद्र का अर्थ एक ही है। www.navjivanfoundation.org


 

No comments:

Post a Comment